Geeta E•28 एक ओंमकार , निराकार , सतनाम् , निवैर अकालमूर्त , अजोनि " जो निराकार है , जो निर्वेर है वही सतनाम् है जिसको काल कभी नहीं खा सकता है ! जो कभी किसी योनियों में नहीं आते हैं अर्थात् अजोनी है
मूर्ति पूजा- TrueGyan Tree
किसी धर्म सभा में एक बार एक कुटिल और दुष्ट व्यक्ति, मूर्ति पूजा का उपहास कर रहा था, “मूर्ख लोग मूर्ति पूजा करते हैं। एक पत्थर को पूजते हैं।