E.13 "गीता-ज्ञान, एक मनोयुद्ध या हिंसक युद्ध"
भगवान मनुष्य के मन को भ्रमित करने वाले अनेक प्रशनों का उत्तर देते हैं और ये सत्य ज्ञान देते हैं कि तुम शरीर नहीं ' आत्मा ' हो , देह से भिन्न , सूक्ष्म शक्त्ति , चैतन्य आत्मा हो !
दशरथ का राम लंका प्रस्थान से पूर्व शिव का आहवाहन (गौर करें शिव लिंग ध्यान किया शंकर का नही अर्थात शिव और शंकर में अंतर है) करते है। अगर खुद राम है तो किसको याद कर रहें हैं। आमतौर पर कोई सुभ कार्य से पूर्व अपने माता पिता से आशीर्वाद लिया जाता है अर्थात उस निराकार राम को याद किया जो उनका पिता है।