E.3 गीता-ज्ञान, एक मनोयुद्ध या हिंसक युद्ध ?

कुछ लोगों का यह मानना है कि श्रीमदभगवदगीता का ज्ञान कोई हिसंक युद्ध के मैदान में नहीं दिया गया था ! परमात्मा ने कोई हिंसक युद्ध की प्रेरणा नहीं दी थी , यह तो एक मनोयुद्ध की कहानी है !

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गीता ज्ञान का आध्यात्मिक रहस्य (पहला और दूसरा अध्याय)

“गीता-ज्ञान, एक मनोयुद्ध या हिंसक युद्ध” 

The Great Geeta Episode No• 003

E.3 "गीता-ज्ञान, एक मनोयुद्ध या हिंसक युद्ध"
E.3 “गीता-ज्ञान, एक मनोयुद्ध या हिंसक युद्ध”
  • कुछ लोगों का यह मानना है कि श्रीमदभगवदगीता का ज्ञान कोई हिसंक युद्ध के मैदान में नहीं दिया गया था !
  • परमात्मा ने कोई हिंसक युद्ध की प्रेरणा नहीं दी थी , यह तो एक मनोयुद्ध की कहानी है !

  • जीवन में जिस प्रकार के संधर्ष से मनुष्यात्मा गुज़रती है उन संघर्षों का समाधान वो कैसे कर सकता है ?
  • यह इस ज्ञान से स्पष्ट हो जाता है ! इस प्रकार से कोई उसको हिंसक युद्ध के रूप में दर्शाते हैं , तो कोई उसको अहिंसक युद्ध के रूप में दर्शाते हैं !
  • इन गुह्य रहस्यों को समझना कभी-कभी मनुष्य के वश की बात नहीं हो पाती है !
  • इस ज्ञान को सभी ने अपने अपने दृष्टिकोण से देखना चाहा और समझना चाहा ! हर एक ने अपने बौद्धिक स्तर उसका अनुवाद किया!
  • श्रीमदभगवदगीता इसलिए श्रेष्ठ है क्योंकि परमात्मा ने ही पवित्र पुस्तक में जीवन में आने वाली सभी समस्याओं का समाधान दिया है !
  • इसमें व्यक्त्तिगत स्तर के समाधान भी प्राप्त होते हैं !
  • जिस प्रकार की चनौतियों से मनुष्य गुज़रता है जब वो दिलशिकस्त हो जाता है , नर्वस हो जाता है , डिप्रेशन में चला जाता है तो ऐसी मनोदशा का समाधान भी इसमें प्राप्त होता है!
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